तिरुपति बालाजी प्रसाद घी मिलावट मामले में ED ने 15 स्थानों पर छापेमारी की

 

आंध्र प्रदेश के भगवान तिरुपति बालाजी के प्रसाद में मिलावटी घी मामले से जुड़े धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को महाराष्ट्र के मुंबई और अहिल्यानगर सहित कई राज्यों में 15 स्थानों पर छापेमारी की। इस छापेमारी में ED ने 60 लाख रुपये नकद बरामद की। जांच में यह भी पता चला कि अपराध से अर्जित धन को 45 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों तथा आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई कई अचल संपत्तियों में निवेश किया गया था।

ED के अनुसार तलाशी अभियान के दौरान अहिल्यानगर स्थित मलगंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, तमिलनाडु के डिंडीगुल स्थित एआर डेयरी फूड प्राइवेट लिमिटेड तथा उत्तराखंड के रुड़की स्थित भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क प्राइवेट लिमिटेड के परिसरों की जांच की गई। इसके अलावा मुंबई, बीकानेर (राजस्थान), देहरादून (उत्तराखंड), दिल्ली और गुंटूर (आंध्र प्रदेश) में संदिग्ध कंपनियों और व्यक्तियों के परिसरों पर भी छापे मारे गए।

अधिकारियों के मुताबिक, मचिंद्र लांके, पोमिल जैन, विपिन जैन, राजू राजशेखरन, राजेश मनसुखलाल चावड़ा, अपूर्वा विनायकांत चावड़ा, अजय कुमार सुगंध, महेश कुमार रोहिरा और आशीष अग्रवाल के आवासीय एवं कार्यालय परिसरों की भी तलाशी ली गई।

छापेमारी में ED ने कई ऐसे दस्तावेज भी जब्त किए हैं, जो कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन को छिपाने और उसकी परतें (लेयरिंग) बनाने के लिए फर्जी खरीद-बिक्री लेनदेन कराने हेतु कानूनी संस्थाओं के एक जटिल नेटवर्क के उपयोग की ओर संकेत करते हैं।

तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित एक ट्रस्ट है, जो मुख्य रूप से तिरुपति जिले के तिरुमला स्थित भगवान वेंकटेश्वर मंदिर के संचालन और वित्तीय प्रबंधन की देखरेख करता है। सितंबर 2024 में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया था कि राज्य की पिछली सरकार के कार्यकाल में प्रसिद्ध तिरुमला लड्डू बनाने में पशु चर्बी का उपयोग किया गया था।

इस वर्ष जनवरी में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के नेतृत्व वाली विशेष जांच टीम द्वारा आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में दाखिल आरोप पत्र में कहा गया था कि वर्ष 2019 से 2024 के बीच ट्रस्ट को मिलावटी घी की आपूर्ति की गई। आरोप है कि यह घी गाय के दूध से नहीं बनाया गया था, बल्कि पाम कर्नेल ऑयल, पाम ऑयल और पाम स्टियरिन का उपयोग कर कृत्रिम रूप से तैयार किया गया था।

ED ने अपनी जांच एआर डेयरी फूड प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ दर्ज मामले के आधार पर शुरू की थी। आरोप है कि कुछ TTD अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर आरोपियों ने आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी की तथा मिलावटी घी की आपूर्ति करके ट्रस्ट को आर्थिक नुकसान पहुंचाया।

अधिकारियों के अनुसार, अब तक की जांच में सामने आया है कि TTD को मिलावटी घी की आपूर्ति से अर्जित धन को बाद में आपस में जुड़ी विभिन्न कानूनी संस्थाओं और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के जटिल नेटवर्क के माध्यम से अचल संपत्तियों में निवेश किया गया।

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